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बीमारी पता हैं,समय भी fix हैं ,प्रभावित समूह और किन क्षेत्रों में प्रभाव इसकी भी जानकरी फिर गई 133 बच्चों की जान

PATNA: हर वर्ष देश में   JE के   लगभग 1,500 से 4,000  मामले रिपोर्ट कि ए जाते हैं। dainik bhaskar cutting बिहार में चमकी बुखार (एईएस) बीमारी बच्‍चों पर काल बनकर टूट रही है। इस बीमारी से सोमवार दोपहर तक राज्य में 133 बच्चों की मौत हो चुकी है। नया मामला बिहार के मोतिहारी का हैं । जिले में चमकी बीमारी से 12 बच्चों के प्रभावित होने की रिपोर्ट की गई हैं । BHASKAR CUTTINGS केंद्रीय स्वास्थय मंत्री डॉ हर्षवर्धन की चुप्पी पर सवाल  22 जून 2014: डॉ हर्षवर्धन 2014 में इसी तरह की घटना के बाद बिहार दौरे पर आए थे | यहा उन्होंने 100 बेड का अस्पताल बनवाने का वादा किया था |  16 जून 2019: डॉ हर्षवर्धन रविवार को मुजफ्फरपुर दौरे पर आए थे । यहां उन्होंने 100 बेड बनाने का पुराना वादा दोहराया | इस पर शोध करने की बात भी दोहराई । Union Health Minister @drharshvardhan breaks silence over #Encephalitis horror in Bihar. #NewsToday with @sardesairajdeep LIVE at https://t.co/4fqxBVUizL pic.twitter.com/AZ27x2jIvL — India Today (@IndiaToday) June 19, 2019...

Photofan: photography @ Janpath

रात में गुलाबी रौशनी में राष्ट्रपति भवन की लालिमा

TET और STET पास अभ्यर्थी आगामी 32 हजार रिक्त पदों के लिए होंगे योग्य

PATNA : बिहार सरकार ने हाल ही में घोषणा किया है कि TET और STET पास हुए अभ्यर्थियों की वैधता अब ख़त्म नहीं होगी।  बता दें वर्ष 2011-2012 में आयोजित TET परीक्षा में उत्तीर्ण हुए अभ्यर्थियों की पात्रता सात सालों तक ही वैध थी। मतलब वे TET के प्रमाणपत्र पर सात सालों तक होने वाली शिक्षक नियुक्ति में भाग ले सकते थे।लेकिन यह वैधता 31 मई को खत्म हो रही थी। सरकार के इस फैसले से लाखों अभ्यर्थी आगामी शिक्षक बहाली में शामिल हो सकते हैं | बता दे सुप्रीम कोर्ट ( SC ) में 3.5 लाख शिक्षकों को समान काम के लिए समान वेतन के मामले में केस लंबित होने के कारण ,नियुक्ति प्रक्रिया पर भी रोक लगी थी| पिछले हफ्तों में सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों की इस अर्जी को रद्द कर दिया हैं | सुप्रीम कोर्ट ( SC)का फैसला आते ही शिक्षको की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की आशा थी| Tejashwi Yadav ✔ @yadavtejashwi नीतीश कुमार ने बिहार के नियोजित शिक्षकों का सर्वोच्च न्यायालय में केस जान बूझकर ठीक से नहीं लड़ा। नीतीश-मोदी की निरंकुशता और मिलीभगत से आज बिहार के 3.5 लाख शिक्षकों के बीच समान काम के लिए...

PulwamaAttack: युद्ध के खिलाफ एकजुट हम- सेय नो टू वार

अमित  कुमार नई दिल्ली ,  4 मार्च देश  के कुछ गैर सरकारी संगठनों और  सिविल सोसायटी समूहों ने भारत  में नई दिल्ली में जंतर मंतर पर  वर्तमान  में देश में बन रही युद्ध के माहौल के खिलाफ  मानव श्रृंखला बनाया  । 64  साल के डॉ रम्मनिज ने बताया इस तरह  की  मुहिम आज  पाकिस्तान में भी निकाली गई है । इन्होंने सेय नो टू वार का नारा दिया। इन  लोगों के अनुसार 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर जो हमला हुआ जिसमें अर्धसैनिक  बलो के  40 सैनिक मारे गए इसके या किसी भी आतंकी हमले की निंदा के लिए कोई भी शब्द पर्याप्त नहीं है ।  हालंकि  एक  आतंकी हमला किसी भी हालत में भारत द्वारा अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों का उल्लंघन करने वाली  कार्रवा ईयो को उचित नहीं ठहरा सकता है या नहीं इसका अधिकार  देता  है । यहां उपस्थित लोगों ने आतंक को बढ़ावा देने वाले या उस में संलिप्त लोगों को पनाह देने के लिए पाकिस्तान की सेना और सरकार की निंदा की। इनका मानना  हैं  जब सरकारो...

PulwamaAttack: जब सैनिक बलों को पेंशन ही नहीं और शहीद का दर्जा ही नहीं तो कैसी शहादत

अमित  कुमार नई  दिल्ली, 3 मार्च अर्ध सैनिक बलों के सेवानिवृत्त सिपाहियों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट  से  जंतर मंतर तक  हाथो में कैंडल  और  तिरंगा लिए  मार्च निकाला । उत्तराखंड के अल्मोड़ा से आए सेवानिवृत त्रिलोक सिंह बताते है।  इनकी चार प्रमुख मांगे हैं , पहला वन रैंक वन  पेंशन  लागू किया जाए  , दूसरा  2000  के पहले के पेंशन को लागू किया जाए ताकि  2004 के बाद  कें सभी लोगो  को पेंशन  मिल सके , तीसरा सिविल रूल से बाहर किया जाए  और  अंत में शहीद का दर्जा दिया जाए। त्रिलोक  बताते  हैं  कि यह  कोई पहला  आंदोलन  नहीं था।  पिछले 5 सालों से लगातार यह आंदोलन कर रहे हैं लेकिन सरकार इनकी नहीं सुन रही है । यह प्रधानमंत्री को बताना चाहते हैं अभी पुलवामा हमले में  इतने लोगों की मृत्यु हुई है (PulwamaAttack) इन लोगों को शहीद का दर्जा नहीं मिला ।हर  मीडिया  चैनल बोल  रहा है यह शहीद हुए लेकिन  आपको बता दु उन्हे  शहीद का दर्जा नहीं मिल...

हजारों आंगनबाड़ी महिलाओं नौजवानों छात्रों और मजदूरों ने किया संसद भवन का घेराव

अमित  कुमार,  नई दिल्ली, 3 मार्च देश भर से  आए सैकड़ों नौजवानों मजदूरों आंगनबाड़ी महिला कर्मियों ने रोजगार के अधिकार के लिए रामलीला मैदान से संसद मार्ग तक विशाल रोजगार अधिकार रैली निकाली ।  रोजगार के अधिकार को मूलभूत अधिकार में शामिल करने के लिए पिछले 1 साल से देश के अलग-अलग राज्यों में भगत सिंह राष्ट्रीय रोजगार गारंटी  कानून लागू करने का  अभियान चला रहे हैं ।इनकी सरकार से मांग है कि मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी  ₹ 20,000  मासिक मिले। इस  रैली में दिल्ली हरियाणा महाराष्ट्र और बिहार के अलग-अलग इलाकों से हजारों नौजवान और मजदूर शामिल हुए । भगत सिंह राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कानून संयोजन समिति के सदस्य अजय ने कहा अगर रोजगार के अधिकार को जीने का अधिकार कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं है। तमाम  सरकारें आई और चली गई किंतु आबादी के अनुपात में रोजगार बढ़ने तो दूर उल्टा  घटता  च ला गया हैं। नई  सरकारी नौकरियां नहीं निकल रही है सार्वजनिक क्षेत्र की बर्बादी जा रही है । केंद्र  और राज्यों के स्तर पर लाखों लाख पद खाली पड़े हैं...

युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं।

 अमित कुमार हाल ही में पुलवामा में हुए सेना के काफिले पर हमले में देश ने अपने 40 वीर जवानों को खो दिया है। पुलवामा आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। हर चौक और नुक्कड़ पर मोमबत्ती जलाकर लोग शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। लोग मार्च निकालकर पाकिस्तान विरोधी नारे भी लगा रहे हैं। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित संगठन जैश ए मोहम्मद ने ली है। हालांकि यह घटना केवल आज की नहीं है इसके पहले भी 2, 4 सैनिक हर महीने शहीद होते रहे हैं। उरी और पठानकोट कौन भूल सकता हैं,लेकिन जब यह वृहत स्तर पर हुआ तो पूरे देश में आवाज उठी। जम्मू कश्मीर को आतंकीस्तान बताया जा रहा हैं। लोगों को कश्मीर के बारे में ऐसा नहीं बोलना चाहिए क्योंकि बाकी राज्यो की तरह जम्मू कश्मीर भी भारत का अभिन्न अंग है। जम्मू कश्मीर की समस्या के समाधान के बिना हम अपने जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकते हैं। जम्मू कश्मीर राज्य को हर सरकार ने अपने अपने तरीके से हैंडल करने की कोशिश की है और कोई विजन नहीं सुनिश्चित किया। उसी का परिणाम है कि, आज हमारे सैनिक शहीद हो रहे हैं। सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर का समाधा...

चीन और अमेरिका के व्यापार युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को फायदा

संयुक्त राष्ट्र संघ,5 फरवरी नई दिल्ली।  चीन और अमेरिका के बीच चल रहे व्यापार युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा  मिलेगा। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार भारत का निर्यात 3.50 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। भारत के अलावा इस व्यापार युद्ध से यूरोपीय संघ को भी व्यापार में प्रोत्साहन मिलेगा । पिछले वर्ष ट्रंप ने अपने संरक्षणवाद की नीति पर बढ़ते हुए चीन से आयात होने वाले वस्तुओं पर टैरिफ लगाया। ट्रंप 2015 चुनाव के अपने वादे अमेरिका फर्स्ट और अमेरिका के लोगो को रोज़गार देने के और राजस्व घाटे को कम करने के लिए यह कदम उठाया । चीन ने जवाब में अमेरिका के ऊपर टेरिफ लगाया। संयुक्त राष्ट्र का अध्ययन बताता है कि इस व्यापार युद्ध में अमेरिका और चीन किसी को भी फायदा नहीं होने वाला है। आलिया के विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार इसके कारण विश्व व्यापार धीमी रहेगी। जनवरी माह में अमेरिका चीन ने इस व्यापार युद्ध को खत्म करने के लिए उच्च स्तरीय बैठक की। इसका अभी तक कोई नतीजा सामने नहीं आया है। ऑब्जर्बर रिसर्च फाउंडेशन  के अनुसार  अमेरिका और चीन व्यापार युद्ध के रिपोर्ट के मुताबिक भारत का अमेरि...

अगर गांधीजी होते तो इस लड़के के साथ क्या करते ?

बुलंदशहर में एक गरीब परिवार रहता था, उस परिवार में 2 जून की रोटी🍪 जुटाना तक मुश्किल हो गया था। इसके बाद यह परिवार  रोजगार की तलाश में दिल्ली रवाना हो गए। वहा यह परिवार एक बस्ती 🏘(slum) में रहने लगा।यहां इन्होंने केवल violence ही देखा। इस बस्ती में जरूरत की सामानों वह बुनियादी आवश्यकताओं का अभाव था। जिसके कारण इस परिवार का बच्चे शिक्षित नहीं हो पाए।बच्चा कभी स्कुल 🏢नहीं गया ,उसको पीस  कंपैशन के बारे में कुछ नहीं प्ता, बच्चपन में उसने बहुत मेरी झेली हो । यह बच्चा हिंसा को अपना टूल मानने लगा। यह लड़का👨 अपने बहन को बहुत मारता पीटता बहन👧 के चोट लगने से खून निकलने पर भी उसे दया नहीं आती। लड़के को  कोई पश्चाताप भी नहीं होता । वह असामाजिक गतिविधियों में शामिल होता चला गया। इन सबके बीच उसके ऊपर एक सज्जन व्यक्ति जो कि पेशे से एक लेखक👵 थे उनकी नजर पड़ी वे उसे अपने यहां ले गए और उसे अपने तरीके से मोटिवेट करना शुरू किया उसे बहुत से लोगों के बारे मे बताया, बहुत सी किताबों की कहानियां बताएं और टीवी के जरिए दिखाकर भी बहुत समझाया ,आदि बहुत तरीके अपनाए ताकि बच्चे के अन्दर कक्यूरोसिट...

विश्व का सबसे बड़ा स्तूप खस्ता हालत में

मै यहा चार साल पहले भी आ चुका हू. मेरा घर यहा से 50 कि.मी की दूरी पर है. यहा इन वर्षो मे मुक्षे कोई बदलाव नही दिख रहा है, जिससे की यहा विश्व के सबसे बड़े स्तूप होने के वजह से पर्यटको को आकर्षित किया जा सके. यह कहना है मोतीहारी के अमन मोदी का ,अमन एक ग्रेजुएट विधार्थी है. लम्बे समय तक पहचान का संकट झेलता आया, केसरीया बौद्ध स्तूप विभिन्न शोधो के आघार पर विश्व की सबसे बड़ी बौद्ध स्तूप हैं. इस स्तूप की ऊंचाई 104 फीट मानी गई है. इसके साठ फीसद हिस्से की ही अभी खुदाई हो पाई है. अनुमान है कि स्तूप से लेकर दक्षिण दिशा में बहती गंडक नदी तक चौड़ी सड़क अब भी जमींदोज है. जो खुदाई हुई है उसके बारे में जानकारों का मानना है कि यह अपेक्षाकृत बेहद कम इलाके की हुई है. पूरे इलाके की खुदाई हो तो स्तूप के साथ कई ऐसी इमारतें भी प्रकाश में आएंगी जिनके बारे में किसी को पता नहीं है. अमन कहते है दरसल इस स्थान का सौंदर्यीकरण के लिए कुछ नही किया गया है. यहा इतने दूर से लोग आते है .स्तूप के अलावा ऐसा कोई विकल्प नही है.जिससे लोग यहा 10-15 मीनट भी रूक सके. जैसे स्टैचु आफ युनिटी के आस-पास स्मारक उपवन,संग्रहालय...

तेलंगाना चुनाव: नए सदन में 73 विधायकों का आपराधिक रिकॉर्ड है- एडीआर विश्लेषण

119 विधायको में से 106(90 प्रतिशत) करोड़पति हैं। नई दिल्ली,पीटीआई : हाल ही में संपन्न हुए तेलंगाना विधानसभा चुनावों में निर्वाचित 119 में से 73 विधायकों का आपराधिक रिकॉर्ड है जबकि पिछले सदन में एक सदस्य की तुलना में वर्तमान में एक विधायक की औसत संपत्ति दोगुनी हो गई है। दिल्ली स्थित थिंक टैंक एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) द्वारा जारी एक विश्लेषण के मुताबिक, 47 विधायकों के उपर हत्या के प्रयास से संबंधित मामले, महिलाओं के खिलाफ अपराध, तथा दूसरे अन्य गंभीर आपराधिक मामलों की घोषणा की है।"119 विधायकों में से 73 (61 प्रतिशत) विधायकों ने खुद के खिलाफ आपराधिक मामलों की घोषणा की है"।एडिआर के अनुसार 47 विधायको (40%)के ऊपर गंभीर आपराधिक मामलों के साथ ही हत्या के प्रयास से संबंधित मामले, महिलाओं के खिलाफ अपराध इत्यादि के आरोप है। 2014 में तेलंगाना विधानसभा चुनाव के दौरान 119 विधायकों में से 67 (56 प्रतिशत) विधायकों ने खुद के खिलाफ आपराधिक मामलों की घोषणा की थी। 2014 में तेलंगाना विधानसभा चुनाव के दौरान 119 विधायकों का विश्लेषण किया गया, 46 (39 प्रतिशत) विधायकों ने खुद के...

भारत में उच्च शिक्षा की चिंताजनक स्थिति

अमीत कुमार, नई दिल्ली       हाल ही मे जारी एक वौश्विक रिपोर्ट के अनुसार 100 वैश्विक रूप से उत्कृषट संस्थानो मे भारत के एक भी संस्थान शामील नही है।यह रिपोर्ट यु.जी.सी और ए.आई.सी.टी.ई पर प्रश्न खङा करता है। प्र. इस स्थिती मे परिवर्तन कैसे लाया जाए ।        यु.पी.ए सरकार ने कई आई.आई.टी और आई.आई.एम खोलो। वर्तमान की एन.डी.ए सरकार द्वारा 2017 मे आई.आई.म एक्ट पारित किया गया । जिससे आई.आई.म को स्वायतता दी जा सके । एक इसंस्टीट्युट आफ इमीनेंनस का भी रहा। जिसमे 20 संस्थानो का चयन करके उन्हे विश्वस्तरीय बनाए जाने की प्रयास कि जानी है। इसके लिए आवेदन करनेवाले संस्थान को एक करोड़ की प्रक्रमण संसाधन राशि के साथ अपना प्रोग्राम आफ एक्सन भी देना होगा। इनमे सरकारी संस्थानो को वितीय सहायता देने के साथ साथ ,स्वायतता भी प्रदान की जाएगी। प्र. 20 संस्थानो की उत्कृष्टता सूची मे चयनित 5 संस्थानो आई.आई.टी दिल्ली , मुंबई, बिडला इंस्ट्यूट ऑफ टेकनोलाजी, इंस्टयूट ऑफ सइस बेंगलुरू और मणिपाल संस्थान मे से कोई भी 100 वैशिवक संस्थानों मे अपनी स्थान क्यो नही बना ...

महिलाओ की सुरक्षा के साथ खिलवाड़

अभी कठुआ व उन्नाव की घटना के कुछ ही दिन बिते थे ,की अब मंदसौर में नाबालिक लड़की से दुष्कर्म का मामला सामने आया हैं। एक 8 साल की नन्ही सी जान एम्स में  जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है ।आज पब्लिक का गुस्सा कहां है आज पब्लिक कहां है वह इंसाफ की मांग क्यों नहीं कर रही है ।आज हमारे विपक्ष के राजनेता कहां है उन्हें केवल अपना चुनावी  एजेंडा दिखाई दे रहा है , वह सरकार के ऊपर आरोप क्यों नहीं लगा रहे हैं कि वह लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा नहीं कर सकती है ।                   सरकार ने  पॉक्सो में सुधार करके फांसी का सजा देने का प्रावधान पास किया था फिर भी यह दुष्कर्म क्यों हुआ क्या सरकार ने कानून बनाकर अपनी कमियों को छुपाया है। क्या केवल फांसी के सजा का प्रावधान ही काफी था क्या इसके लिए कानून व्यवस्था दुरुस्त करने की  आवश्यकता नहीं थी। क्या इसके लिए लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता नहीं है क्या सरकार  को आवश्यक नहीं था कि वह जितना अपने प्रचार प्रसार पर खर्च करती है उसके बजाय वह पॉक्सो के ऐसे कठोर कानून के बारे में प्रचार प्रस...

महात्मा गांधी जी की कही वे 10 बातें जिन्होंने लोगों को आजादी के लिए दीवाना बना दिया

महात्मा गांधी. नई दिल्ली:  महात्मा गांधी का देश की आजादी में कितना योगदान है, इस पर किसी को कोई संदेह नहीं. गांधी जी की तारीफ करने वाले और कुछ विरोधी भी इस बात को मानते हैं कि देश में आजादी ललख के लिए आम लोगों को जोड़ने का जो काम गांधी जी ने किया वह कोई और नहीं कर पाया. देश में आम जनमानस पर जितना गांधी जी का असर हुआ और जितना आम आदमी से गांधी जी ने संवाद किया शायद उतना देश के समकालीन आजादी के दीवानों में किसी और में नहीं दिखता. आजादी के लिए गिने-चुने पढ़े-लिखे लोगों से आम लोगों का आंदोलन बनाने का श्रेय गांधी जी से कोई और नहीं छीन सकता. यह सब गांधी जी ने अपनी बातों से किया. उनकी कही बातें आम भाषा में आम लोगों के लिए होती थीं और लोगों पर इसका सीधा असर पड़ा. आज उनकी कही 10 बातें याद आईं. गांधी जी की कही 10 बातें 1.कमजोर कभी माफ़ी नहीं मांगते.  क्षमा करना तो ताकतवर व्यक्ति की विशेषता है. 2.कुछ ऐसा जीवन जियो जैसे की तुम कल मरने वाले हो, कुछ ऐसा सीखो जिससे कि तुम हमेशा के जीने वाले हो. 3.एक आंख के बदले आंख ही पूरी दुनिया को अंधा बना कर समाप्त होता है. 4.पहले वह आपकी उपेक्षा करेंग...

Analysis: Understand the difference of market economy of religion, the difference between social beliefs and superstition

  Delhi [Ab. Soni]. Recently, the court against the charge of another godman Asaram was found to be correct in the allegation of rape. Prior to this, Sant Ram Rahim had to burn in jail.There are some other religious leaders who are guilty of serious charges and their cases are pending in the courts. Such gurus work to throw the dignity of the Hindu society. Ironically, the number of gurus with suspicious behavior is increasing. This is not auspicious signs.Ambedkar said that even though Hindu society has suffered from many mischief, but the good thing is that the saints and saints fighting against these misdeeds continued to appear and the leaders started campaigning against them by giving leadership. Since people of Semitic religion do not believe that evils can enter their religion, they do not even try to remove the evils. In ancient times, where Buddha, Mahavir etc. fought against rampant rituals and inequalities in Hinduism, followed by Adishankar...

सिविल सर्विसेज डे पर विशेष: लोकसेवकों पर टिकी सरकार की छवि

Publish Date:Sat, 21 Apr 2018 सरकार की छवि काफी हद तक लोकसेवकों के इसी रवैये पर निर्भर करती है कि वे लोगों की जरूरतों और आकांक्षाओं की पूर्ति कैसे करते है। नई दिल्ली [एम वेंकैया नायडू]।  भारत को आजादी मिलने से चार महीने पहले 21 अप्रैल, 1947 को देश के पहले गृहमंत्री सरदार बल्लभभाई पटेल ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित किया। देश को एक सूत्र में पिरोने वाले शिल्पकार सरदार पटेल ने दिल्ली के मेटकॉफ हाउस में इस मौके पर दिए अपने ऐतिहासिक भाषण में स्वतंत्र भारत के लिए लोकसेवाओं की अवधारणा स्पष्ट करते हुए सुराज्य यानी सुशासन की बुनियाद रखी। इसी उपलक्ष्य में 21 अप्रैल को लोक सेवा दिवस का आयोजन होता है। यह ब्रिटिश राज में स्थापित विदेशी स्वामियों के हित में काम करने वाली लोक सेवा के सरकार के लोकतांत्रिक स्वरूप में जनता की सेवा में रूपांतरित होने का पड़ाव था। इसके लिए महज प्रशासनिक रूप से काम करने के बजाय पूरे मनोयोग से देश की सेवा करने के भाव में बदलाव लाना था। इस अवसर पर सरदार पटेल ने कहा, ‘यह सेवा अब स्वतंत्र होगी और उसे अतीत की परंपराओं की जकड़न को तोड़ते हुए राष...

10 of the most beautiful places in India

India, the land of the heritage structures, religious places and many cultures, has no dearth of places to visit. The country has so much to offer to locals as well as tourists. Every part of this country is different with mountains in the north, desert in the west, beautiful lakes and deltas in the east and beaches in the south. The mystical rituals and spirituality of this land has always intrigued the west and every year thousands of travellers from around the world visit India. Rajasthan, Kerala, Goa, Maharashtra and Delhi are some of the most popular destinations with foreigners but every corner of this land has its own story and uniqueness. Here is our list of 10 of the most beautiful places in India  1. Leh , Jammu and Kashmir 2.   Nubra Valley , Jammu and Kashmir 3.  Majuli , Assam 4. Yumthang Valley , Sikkim 5. Kutch , Gujarat 6. Jodhpur , Rajasthan 7.Matheran, Maharashtra 8. Munnar , Kerala 9. Dhanushkodi , Tamil Nadu ...